विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त दान द्वारा जन मानस की सेवा का प्रकल्प!
वृंदावन तीर्थ के पुरातन मंदिरों के दर्शन यजमानों को कराना!
तीर्थ पुरोहितों हेतु सदस्यता कार्यक्रम का व्यापक संचालन!
हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व के साथ सबसे शुभ दिनों में से एक है, जो आमतौर पर उपवास और भगवान की भक्ति कर मनाया जाता है। क्योंकि इस तिथि पर देवों के देव महादेव का आधिपत्य है।
दिनांक 2 अप्रैल 2026 हनुमान जयंती को पंडा सभा के पहचान पत्रों का वितरण होगा आरंभ होगा
पंडा सभा द्वारा वेबसाइट का शुभारंभ किया गया
श्री बृजवासी पंडा सभा एक अति प्राचीन एवं प्रतिष्ठित संगठन है, जिसकी स्थापना सन 1915 में हुई तथा इसका पंजीकरण सन 1930 में संपन्न हुआ। सन 2015 में, श्री बृजवासी पंडा सभा द्वारा अपने स्थापना दिवस के शताब्दी वर्ष पर एक अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 100 से अधिक तीर्थों के तीर्थ पुरोहितों ने सहभागिता की।
श्री बृजवासी पंडा सभा की स्थापना के उपरांत, लगभग सन 1940 से पूर्व महामना मदन मोहन मालवीय जी वृंदावन धाम पधारे। जब उन्होंने यहाँ तीर्थ पुरोहितों के सुदृढ़ संगठन को देखा, तो वे अत्यंत आश्चर्यचकित एवं प्रभावित हुए। वृंदावन जैसे अपेक्षाकृत छोटे नगर में तीर्थ पुरोहितों की यह संगठनात्मक चेतना देखकर उन्होंने इसे अत्यंत प्रेरणादायक माना। इसी से प्रेरित होकर महामना मदन मोहन मालवीय जी ने सन 1940 में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (ऑल इंडिया ब्राह्मण काउंसिल) का गठन किया।
The secret to happiness lies in helping others. Never underestimate the difference YOU can make in the lives of the poor.
बृजवासी पंडा सभा में आपका स्वागत करते हुए अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है। आप यहां पंडा सभा के माध्यम से दान पुण्य एवं किसी भी धार्मिक कार्य का अनुभव कर सकेंगे। मुझे आशा है इस वेबसाइट के माध्यम से आपके वृन्दावन के ज्ञान में वृद्धि हुई होगी।
अब अपने तीर्थ पुरोहित जी को ढूंढ़ना हुआ और भी सरल, आप मोबाइल नंबर, देहरी या यूनिक आईडी के माध्यम से उनकी जानकारी प्राप्त कर उनसे संपर्क कर सकते हैं
पंडा सभा द्वारा नित्य रूप से दान कार्य आदि कराए जा रहे हैं, जिनको आप भी भागीदार बना सकते हैं
जो पशु हों तो का बस मेरो, चरो नित नंद की धेनु मझारन ऐसी संतों की अभिलाषा है| गाय भगवान की सर्वाधिक प्रिय है, जिसमे ३३ कोटि देवता निवास करते हैं| गाय संपूर्ण विश्व की माँ मानी जाती है|
मरकट बनाओ तो, बनइयो श्री वृन्दावन को! कूद कूद फांद फांद , खेल हु दिखाउंगो !! ब्रज के बंदर राधा रानी के अनन्य सेवक हैं| जो पुन्यात्मा मनुष्य जीवन मे सत्कर्म करते हैं, परंतु प्रारब्ध के कारण मनुष्य योनि नही पाते, उनको राधा रानी वानर रूप मे शरणागति देती हैं
मोर हु बनाओ तो, बनइयो श्री वृन्दावन को! नाच नाच घूम घूम, तुमई कों रिझाउंगो!! मोर न केवल संसार का सबसे पवित्र पक्षी है वरन ठाकुर जी को भी अतिप्रिय है| इसी कारण ठाकुर के शृंगार मे मयूर पंख सम्मिलित है| यह ब्रज की निधियों मे अतुल्य है|
बृजवासी बल्लभ सदा मेरे जीवन प्राण इन्हे ना कबाहुँ विसारियों, मोहे नंद बाबा की आन बृजवासी, भगवान श्री कृष्णा के निज जान हैं, जिन की सेवा से ठाकुर जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं| तीर्थ यात्री गण निज भाव अनुसार ब्रज की निधि बृजवासियों की सेवा अवश्य करें|
नमो यमुने देवि विश्वपावनकारिणि। त्रैलोक्यपावनी पुण्ये श्रीकृष्ण प्रियतमा॥ सूर्यसूता यमभगिनी पतित पावनी माँ यमुना, ठाकुर जी अष्ट पट रानियों मे अत्यंत प्रिय हैं| जो लोग, सच्चे हृदय से यमुना जी की सेवा एवं भक्ति करते हैं, उनको यम पाश से मुक्ति प्राप्त हो जाती है
परम पावनी, जीवन दायिनी मां यमुना की प्रतिदिन आरती, पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ विधि विधान से श्री बृजवासी पंडा सभा, वृन्दावन के माध्यम से की जाती है। आप भी इसमे शामिल होकर पुण्य के भागी बन सकते हैं।
श्री धाम वृंदावन के प्रमुख मंदिर एवं उनके विग्रह
Shree yamuna arti on ganga dashahra
111वा यमुना छठोत्सव 2026
Nitya yamuna arti
श्री वृन्दावन धाम स्वयं ही परम तीर्थ है, जिसके विविध तीर्थ एवं धरोहर उसकी पौराणिक महिमा का गुणगान करती हैं
19-Mar-2026
राघव भारद्वाज
बांके बिहारी मंदिर वृंदावन संगीत सम्राट सनाढ्य कुल भूषण संत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी महाराज द्वारा श्री कुंज बिहारी लाल जी का प्रकृति सन 1567 ई के लगभग वृंदावन के निर्गुण स्थान से हुआ वहीं पर स्वामी
श्री गोकुलानंद मंदिर वृंदावन श्री गोकुलानंद मंदिर वृंदावन में राधा रमन मंदिर जी के बराबर स्थित है जिसकी सेवा पूजा राधा रमण जी की गोस्वामी श्री युत श्री वत्स गोस्वामी जी के द्वारा की जाती है। इस मंद
श्री राधा रमण लाल जी श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा सेवित ठाकुर हैं जिनका प्राकट्य विक्रम संवत 1599 वैशाख पूर्णिमा को हुआ इनका प्राकट्य स्थल गोपाल भट्ट गोस्वामी जी की समाधि की बगल है ठाकुर श्री राध
एक बार कृष्ण दास नाम के एक संत निधिवन कुंज में सोहनी सेवा कर रहे थे तभी झाड़ू लगाते समय उन्हें एक नूपुर की प्राप्ति हुई यह राधा रानी का दिव्य नूपुर था जो कुंज में विचरण करते समय वहां गिर गया यह नूपुर
श्री राधादामोदर जी का विग्रह श्री जीव गोस्वामी द्वारा सेवित है जिसे उनके गुरु श्री रूप गोस्वामी जी महाराज ने प्रदान किया था जो रिश्ते में श्री जीव गोस्वामी जी के ताऊ अर्थात् पिता के बड़े भाई थे। सवा
मदन मोहन मंदिर,वृंदावन जयतां सुरतौ पंगोर्मम मंद मतेर्गति। मत सर्वस्व पदाम्भोजौ राधा मदन मोहनौ मुझे जैसे लंगड़े एवं मंदबुद्धि वाले की एकमात्र जो गति है एवं जिनके चरण कमल ही मेरे सर्वस्व है ऐसे उन
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पंडा सभा द्वारा समाज हित में की जाने वाली विभिन्न गतिविधियां
देश के पहले सीडीएस शहीद जनरल बिपिन रावत के साथ हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए विंग कमांडर शहीद पृथ्वी सिंह चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती कामनी सिंह श्री बृजवासी पंडा सभा वृंदावन के अध्यक्ष श्री श्याम सुंद
श्री यमुना छठोत्सव के सफल आयोजन पर वृंदावन के विभिन्न संगठनों ने किया श्री ब्रजवासी पंडा सभा वृंदावन, का अभिनंदन श्री शुकाचार्य पीठम, ब्राह्मन सेवा संघ,ब्राह्मन महा सभा वृंदावन,भक्ती प्रचारणी सभा ए
श्री ब्रजवासी पंडा सभा ने तीर्थ पुरोहितों की समस्याओं को लेकर माननीय मुख्य मंत्री जी को दिया ज्ञापन।। सभा के अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर गौतम, तीनों अनी अखाड़ों के तीर्थ पुरोहित श्री लाला पहलवान (सुभाष)
उत्साह और ऊमंग के साथ आरम्भ हुआ तीर्थ पुरोहित परिवारों का पंजिकरन आज 10 सितंबर 2021 श्री गणेश चतुर्थी के दिन श्री बृजवासी पंडा सभा,वृंदावन ने भी अपने तीर्थ पुरोहित परिवार पंजीकरण पर्व का शुभारंभ उत
वृंदावन के तीर्थ पुरोहितों की समस्त जानकारी के साथ वृंदावन के पुरातन महत्व का वर्णन करने वाली एक मात्र विषय वस्तु