विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त दान द्वारा जन मानस की सेवा का प्रकल्प!
वृंदावन तीर्थ के पुरातन मंदिरों के दर्शन यजमानों को कराना!
तीर्थ पुरोहितों हेतु सदस्यता कार्यक्रम का व्यापक संचालन!
विक्रम संवत : 2083
आयन: दक्षिणायनसूर्योदय : 06:25:38 सूर्यास्त : 18:29:16आज की तिथि 19-Mar-2026 को 05:48 AM बजे तक रहेगी
श्री बृजवासी पंडा सभा एक अति प्राचीन एवं प्रतिष्ठित संगठन है, जिसकी स्थापना सन 1915 में हुई तथा इसका पंजीकरण सन 1930 में संपन्न हुआ। सन 2015 में, श्री बृजवासी पंडा सभा द्वारा अपने स्थापना दिवस के शताब्दी वर्ष पर एक अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 100 से अधिक तीर्थों के तीर्थ पुरोहितों ने सहभागिता की।
श्री बृजवासी पंडा सभा की स्थापना के उपरांत, लगभग सन 1940 से पूर्व महामना मदन मोहन मालवीय जी वृंदावन धाम पधारे। जब उन्होंने यहाँ तीर्थ पुरोहितों के सुदृढ़ संगठन को देखा, तो वे अत्यंत आश्चर्यचकित एवं प्रभावित हुए। वृंदावन जैसे अपेक्षाकृत छोटे नगर में तीर्थ पुरोहितों की यह संगठनात्मक चेतना देखकर उन्होंने इसे अत्यंत प्रेरणादायक माना। इसी से प्रेरित होकर महामना मदन मोहन मालवीय जी ने सन 1940 में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (ऑल इंडिया ब्राह्मण काउंसिल) का गठन किया।
The secret to happiness lies in helping others. Never underestimate the difference YOU can make in the lives of the poor.
बृजवासी पंडा सभा में आपका स्वागत करते हुए अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है। आप यहां पंडा सभा के माध्यम से दान पुण्य एवं किसी भी धार्मिक कार्य का अनुभव कर सकेंगे। मुझे आशा है इस वेबसाइट के माध्यम से आपके वृन्दावन के ज्ञान में वृद्धि हुई होगी।
पंडा सभा द्वारा नित्य रूप से दान कार्य आदि कराए जा रहे हैं,जिनको आप भी भागीदार बना सकते हैं
जो पशु हों तो का बस मेरो,चरो नित नंद की धेनु मझारन ऐसी संतों की अभिलाषा है| गाय भगवान की सर्वाधिक प्रिय है, जिसमे ३३ कोटि देवता निवास करते हैं| गाय संपूर्ण विश्व की माँ मानी जाती है|
मरकट बनाओ तो, बनइयो श्री वृन्दावन को!कूद कूद फांद फांद , खेल हु दिखाउंगो !! ब्रज के बंदर राधा रानी के अनन्य सेवक हैं| जो पुन्यात्मा मनुष्य जीवन मे सत्कर्म करते हैं, परंतु प्रारब्ध के कारण मनुष्य योनि नही पाते, उनको राधा रानी वानर रूप मे शरणागति देती हैं
मोर हु बनाओ तो, बनइयो श्री वृन्दावन को!नाच नाच घूम घूम, तुमई कों रिझाउंगो!! मोर न केवल संसार का सबसे पवित्र पक्षी है वरन ठाकुर जी को भी अतिप्रिय है| इसी कारण ठाकुर के शृंगार मे मयूर पंख सम्मिलित है| यह ब्रज की निधियों मे अतुल्य है|
बृजवासी बल्लभ सदा मेरे जीवन प्राणइन्हे ना कबाहुँ विसारियों, मोहे नंद बाबा की आन बृजवासी, भगवान श्री कृष्णा के निज जान हैं, जिन की सेवा से ठाकुर जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं| तीर्थ यात्री गण निज भाव अनुसार ब्रज की निधि बृजवासियों की सेवा अवश्य करें|
नमो यमुने देवि विश्वपावनकारिणि।त्रैलोक्यपावनी पुण्ये श्रीकृष्ण प्रियतमा॥ सूर्यसूता यमभगिनी पतित पावनी माँ यमुना, ठाकुर जी अष्ट पट रानियों मे अत्यंत प्रिय हैं| जो लोग, सच्चे हृदय से यमुना जी की सेवा एवं भक्ति करते हैं, उनको यम पाश से मुक्ति प्राप्त हो जाती है
परम पावनी, जीवन दायिनी मां यमुना की प्रतिदिन आरती, पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ विधि विधान से श्री बृजवासी पंडा सभा, वृन्दावन के माध्यम से की जाती है। आप भी इसमे शामिल होकर पुण्य के भागी बन सकते हैं।
श्री धाम वृंदावन के प्रमुख मंदिर एवं उनके विग्रह
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Started On: 12:00 PM.
Grand Mahal, Dubai 2100.
The secret to happiness lies in helping others. Never underestimate the difference YOU can make in the lives of the poor, the abused and the helpless.
वृंदावन के तीर्थ पुरोहितों की समस्त जानकारी के साथ वृंदावन के पुरातन महत्व का वर्णन करने वाली एक मत विषय वस्तु