पंडा सभा द्वारा नित्य रूप से दान कार्य आदि कराए जा रहे हैं, जिनको आप भी भागीदार बना सकते हैं
जो पशु हों तो का बस मेरो,चरो नित नंद की धेनु मझारन ऐसी संतों की अभिलाषा है| गाय भगवान की सर्वाधिक प्रिय है, जिसमे ३३ कोटि देवता निवास करते हैं| गाय संपूर्ण विश्व की माँ मानी जाती है| गौ सेवा से मनुष्य को असीम पुण्य की प्राप्ति होती है।
मरकट बनाओ तो, बनइयो श्री वृन्दावन को!कूद कूद फांद फांद , खेल हु दिखाउंगो !! ब्रज के बंदर राधा रानी के अनन्य सेवक हैं| जो पुन्यात्मा मनुष्य जीवन मे सत्कर्म करते हैं, परंतु प्रारब्ध के कारण मनुष्य योनि नही पाते, उनको राधा रानी वानर रूप मे शरणागति देती हैं
मोर हु बनाओ तो, बनइयो श्री वृन्दावन को!नाच नाच घूम घूम, तुमई कों रिझाउंगो!! मोर न केवल संसार का सबसे पवित्र पक्षी है वरन ठाकुर जी को भी अतिप्रिय है| इसी कारण ठाकुर के शृंगार मे मयूर पंख सम्मिलित है| यह ब्रज की निधियों मे अतुल्य है|
बृजवासी बल्लभ सदा मेरे जीवन प्राणइन्हे ना कबाहुँ विसारियों, मोहे नंद बाबा की आन बृजवासी, भगवान श्री कृष्णा के निज जान हैं, जिन की सेवा से ठाकुर जी अत्यंत प्रसन्न होते हैं| तीर्थ यात्री गण निज भाव अनुसार ब्रज की निधि बृजवासियों की सेवा अवश्य करें|
नमो यमुने देवि विश्वपावनकारिणि।त्रैलोक्यपावनी पुण्ये श्रीकृष्ण प्रियतमा॥ सूर्यसूता यमभगिनी पतित पावनी माँ यमुना, ठाकुर जी अष्ट पट रानियों मे अत्यंत प्रिय हैं| जो लोग, सच्चे हृदय से यमुना जी की सेवा एवं भक्ति करते हैं, उनको यम पाश से मुक्ति प्राप्त हो जाती है
वृंदावन के तीर्थ पुरोहितों की समस्त जानकारी के साथ वृंदावन के पुरातन महत्व का वर्णन करने वाली एक मात्र विषय वस्तु