blog post

श्री राधा रमण लाल

श्री राधा रमण लाल जी श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा सेवित ठाकुर हैं जिनका प्राकट्य विक्रम संवत 1599 वैशाख पूर्णिमा को हुआ इनका प्राकट्य स्थल गोपाल भट्ट गोस्वामी जी की समाधि की बगल है ठाकुर श्री राधा रमन जी पहले एक शालिग्राम शिला के रूप में थे किंतु भक्त की प्रबल वासना से त्रिभंगी रूप धारण कर लिया शालिग्राम शिला प्रकट विग्रह के बराबर में अब भी विराजित है। प्रकट होने का चिन्ह अब भी पीठ के पीछे बना हुआ है श्री राधारमण जी जिस स्थान से प्रकट हुए उसे 'डोल, नाम से जाना जाता है सिद्ध योग पीठ में जिसे डोलशाहीमंडप के नाम से पुकारते हैं किसी व्यापारी ने यहीं श्री जी का नया मंदिर निर्माण कराया था श्री राधा रमन जी के पास श्री जी की सेवा न होकर बगल में स्थापित श्री जी के चांदी मुकुट सेवा होती है।

जब श्री चैतन्य महाप्रभु को जगन्नाथ पुरी में यह सूचना मिली की गोपाल भट्ट गोस्वामी जी वृंदावन आ चुके हैं तब चैतन्य महाप्रभु ने अपना कृपा स्वरूप प्रसादी डोर कोपीन, वाहिर्वास एवं भजन आसान पट वस्त्र अपने अन्य शिष्य गोपाल भट्ट के लिए श्री रूप सनातन की हाथों भिजवा दिया वर्तमान मंदिर में कांच बंद अभी भी दर्शन के लिए 500 वर्षों से ठीक वैसे ही सुरक्षित हैं।

मंदिर का निर्माण 1883 शाह बिहारी लाल जी ने कराया जो लखनऊ नवाब वाजिद अली शाह के मंत्री एवं वृंदावन में सहाबिहारी मंदिर का निर्माण करने वाले कुंदन लाल एवं कुंदन लाल के पितामह एवं राधा रमन जी के गोस्वामी श्री राधा गोविंद गोस्वामी के शिष्य थे इन्होंने बाद में ठाकुर जी को एक सोने का सिंहासन भी 1906 भेट किया जिस पर उत्सव आदि में आज भी ठाकुर जी विराजमान होते हैं

There are 4 comments

  • comment
    Agustin Ortiz
    hace 20 minutos
    Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit. Velit omnis animi et iure laudantium vitae, praesentium optio, sapiente distinctio illo?
    • comment
      Lorena Rojero
      hace 10 minutos
      Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit. Velit omnis animi et iure laudantium vitae, praesentium optio, sapiente distinctio illo?
    • comment
      Agustin Ortiz
      hace 10 minutos
      Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit. Velit omnis animi et iure laudantium vitae, praesentium optio, sapiente distinctio illo?
  • comment
    Lorena Rojero
    hace 10 minutos
    Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit. Velit omnis animi et iure laudantium vitae, praesentium optio, sapiente distinctio illo?

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *